विश्वविद्यालय के पास नहीं था बैटरी बैकअप
55 मिनट तक पीएचडी छात्रा रही लिफ्ट में
छात्र नेताओं ने दिया डीएसडब्लू को ज्ञापन
न्यूज़म ब्यूरो
लखनऊ, 27 अगस्त। लखनऊ विश्वविद्यालय के नए कुलपति प्रो जय प्रकाश सैनी ने चार्ज संभालते ही पैसे की कमी का रोना रोते हुए सभी चीजों को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने की बात कही थी और इसी वजह से उन्होंने छात्रों से उगाही जाने वाली फीस भी बढ़ा दी थी। अब लखनऊ विश्वविद्यालय के खाते में कितना पैसा आया, कितना नहीं आया, यह तो किसी को नहीं पता है। लेकिन छात्रों को विश्वविद्यालय से मिलने वाली सुविधाएं उनके आने के आठ महीने बाद हर कदम पर नाकाफी दिखती हैं। बृहस्पतिवार को एजुकेशन डिपार्टमेंट में लगी लिस्ट में एक पीएचडी छात्रा फंस गई।
बिजली चले जाने के बाद लिफ्ट बीच रास्ते में बंद हो गई, डिपार्टमेंट के पास ग्रीन जनरेटर तो था लेकिन वह चला ही नहीं, बैटरी बैकअप भी नहीं था, ऐसे में छात्रा 55 मिनट तक बदहवास सी लिफ्ट में बंद रही। किसी तरह से छात्रों ने फोन के जरिए उससे संपर्क साधा और सबको शिकायत की इसके बाद लिफ्ट को खोल करके छात्रा को बाहर निकाला जा सका। छात्रों में चर्चा थी कि विभागाध्यक्ष जनरेटर में तेल ही नहीं डलवाते हैं, तेल के नाम पर मोटा बिल लगाते हैं, लेकिन आज पकड़ गए।

बहरहाल इसके तुरंत बाद समाजवादी पार्टी के छात्र नेता अभिषेक श्रीवास्तव बाबू ने डीएसडब्ल्यू अमिता कनौजिया को ज्ञापन देकर छात्रों की सुविधाओं को बढ़ाने और उसे लगातार निगरानी करते रहने की मांग की।
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