मायावती के समधी अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से लिया संन्यास, बोले- बहन जी का आदेश मेरे लिए अंतिम शब्द

मायावती के एक दिन पहले दिए बयान के बाद अशोक सिद्धार्थ का बड़ा फैसला, बोले- 35 वर्षों से बीएसपी और कांशीराम-अंबेडकर के मिशन के लिए समर्पित रहा हूं

Rahul Gupta
लखनऊ, 10 सितंबर।

बीएसपी सुप्रीमो मायावती के भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अपने फैसले की जानकारी दी। यह घोषणा मायावती के उस बयान के एक दिन बाद हुई है, जिसमें उन्होंने अशोक सिद्धार्थ को राजनीतिक महत्वाकांक्षा और निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर पूरी तरह राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी थी।

मायावती को राजनीतिक गुरु और बड़ी बहन बताया

अशोक सिद्धार्थ ने अपने पोस्ट में मायावती को संबोधित करते हुए कहा कि उनके लिए उनका आदेश दुनिया की किसी भी चीज से बढ़कर है। उन्होंने कहा कि उनके आदेश के आगे रिश्ते-नाते और परिवार भी बेहद छोटे हैं। अशोक सिद्धार्थ के मुताबिक, वह पिछले 35 वर्षों से बीएसपी, मान्यवर कांशीराम और बाबा साहेब डॉ। भीमराव आंबेडकर के मिशन के लिए समर्पित रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मायावती ने उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी, उसे उन्होंने अपनी पूरी क्षमता के साथ निभाने की कोशिश की। अशोक सिद्धार्थ ने मायावती को अपनी राजनीतिक गुरु और बड़ी बहन बताते हुए कहा कि उन्होंने एक सामान्य कार्यकर्ता को विधान परिषद और राज्यसभा तक पहुंचाया।

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‘मायावती का ऋण इस जीवन में नहीं चुका सकता’

अशोक सिद्धार्थ ने कहा कि मायावती ने उन्हें अपने परिवार का सदस्य बनाया और यह उनका ऐसा ऋण है, जिसे वह इस जीवन में चुका नहीं सकते। उन्होंने कहा कि मायावती की एक-एक नसीहत और आदेश उनके लिए अंतिम शब्द हैं।

उन्होंने कांशीराम की कसम खाते हुए कहा कि उन्होंने कभी पार्टी के हित के खिलाफ कोई काम नहीं किया और मायावती के खिलाफ कुछ करने के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकते। उन्होंने कहा कि उनका और उनके परिवार का पूरा जीवन मायावती का ऋणी है।

मायावती ने रखी थी राजनीति छोड़ने की शर्त

अशोक सिद्धार्थ के ऐलान से एक दिन पहले मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर उन पर निशाना साधा था। मायावती ने कहा था कि बीएसपी और आंदोलन के हित के साथ-साथ अपने परिवार तथा आकाश आनंद के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अशोक सिद्धार्थ के पास अभी भी मौका है।

उन्होंने कहा था कि अगर अशोक सिद्धार्थ अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा का त्याग कर निजी स्वार्थ से ऊपर उठते हुए पूरी तरह राजनीति से संन्यास ले लेते हैं, तो आकाश आनंद के लिए पार्टी में स्वतंत्र रूप से काम करना संभव होगा। ऐसी स्थिति में पार्टी आकाश आनंद को उनकी जिम्मेदारियां वापस देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सकती है।

कौन हैं अशोक सिद्धार्थ?

अशोक सिद्धार्थ बीएसपी सुप्रीमो मायावती के भतीजे आकाश आनंद के ससुर हैं। आकाश आनंद की शादी उनकी बेटी प्रज्ञा से हुई है। पेशे से डॉक्टर रहे अशोक सिद्धार्थ ने 2008 में मायावती के कहने पर सरकारी नौकरी छोड़कर बीएसपी की राजनीति में कदम रखा था।

इसके बाद 2009 में मायावती ने उन्हें उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य बनाया। साल 2016 में अशोक सिद्धार्थ को राज्यसभा भी भेजा गया। अब उन्होंने मायावती के बयान के एक दिन बाद राजनीति से पूरी तरह संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है।

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