मायावती के आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह मुक्त किए जाने के कुछ घंटे बाद अखिलेश यादव ने उनके सपा में आने की संभावना पर मजाकिया अंदाज में जवाब दिया। हालांकि, उन्होंने इसे बसपा का आंतरिक मामला बताया।
Rahul Gupta
लखनऊ, 10 सितंबर।
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद को लेकर बड़ा संकेत दिया है। मायावती द्वारा आकाश आनंद को पार्टी से ‘पूरी तरह मुक्त’ किए जाने के कुछ घंटे बाद अखिलेश ने कहा कि अगर कोई उन्हें लेकर आएगा तो सपा उन्हें ले लेगी।
लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव से पूछा गया कि अगर आकाश आनंद समाजवादी पार्टी में शामिल होना चाहें तो क्या उन्हें पार्टी में जगह दी जाएगी। इस पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “अगर आप उन्हें लेकर आएंगे, तो हम उन्हें ले लेंगे।”
अखिलेश बोले- यह बसपा का आंतरिक फैसला
हालांकि, अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि आकाश आनंद को बसपा से हटाना उस पार्टी का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि दूसरी पार्टियों के नेताओं को इस फैसले पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
मायावती के फैसले के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश ने कहा कि यह उनकी पार्टी का फैसला है और दूसरी पार्टियों के लोग इस पर कुछ नहीं कह सकते।
मायावती ने आकाश आनंद को ‘पूरी तरह मुक्त’ किया
बसपा प्रमुख मायावती ने गुरुवार को आकाश आनंद को पार्टी से ‘पूरी तरह मुक्त’ किए जाने का ऐलान किया था। यह फैसला उनके ससुर और पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा के कुछ समय बाद सामने आया।
मायावती ने कहा कि आकाश आनंद ‘दुविधा में रहने वाले’ व्यक्ति नजर आए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उनकी निजी और पारिवारिक रुचियां राजनीतिक करियर और बहुजन आंदोलन से ऊपर दिखाई दे रही हैं तो क्या वह पार्टी के लिए प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं।
मायावती ने आकाश आनंद द्वारा उनके एक पुराने सोशल मीडिया पोस्ट को दोबारा साझा नहीं किए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इससे संकेत मिलता है कि आकाश का झुकाव बसपा और बहुजन आंदोलन की तुलना में पारिवारिक रिश्तों की ओर अधिक है।
पहले राष्ट्रीय संयोजक समेत सभी पदों से हटे थे
आकाश आनंद को इससे पहले 3 सितंबर को राष्ट्रीय संयोजक समेत सभी महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था। मायावती इससे पहले उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी भी घोषित कर चुकी थीं।
ऐसे में पार्टी की जिम्मेदारियों से हटाए जाने और अब पूरी तरह मुक्त किए जाने को आकाश आनंद के राजनीतिक सफर में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
आकाश आनंद ने अखिलेश को कहा था ‘चाचा’
आकाश आनंद और अखिलेश यादव के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी पहले सामने आ चुकी है। पिछले महीने हाथरस में बसपा की जनसभा को संबोधित करते हुए आकाश आनंद ने अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा था।
अखिलेश यादव को ‘चाचा’ कहे जाने को लेकर आकाश ने अपनी उम्र और अखिलेश की उम्र का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि वह 30 साल के हैं, जबकि अखिलेश यादव 50 साल के हैं, इसलिए उन्हें ‘चाचा’ कहने के अलावा और क्या संबोधित किया जा सकता है।
‘चाचा, मौसा या फूफा’ पर अखिलेश का तंज
गुरुवार को जब अखिलेश यादव से आकाश आनंद के उन्हें ‘चाचा’ कहने के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हिंदी में इस शब्द के कई अर्थ हो सकते हैं। उन्होंने ‘चाचा’, ‘मौसा’ और ‘फूफा’ जैसे रिश्तों का जिक्र किया।
इसके बाद अखिलेश ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें हैरानी है कि किसी ने उनसे ‘फूफा’ को लेकर सवाल नहीं किया। उनकी यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया ‘नाराज फूफा’ वाले संदर्भ के बाद आई है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक नेताओं को पारिवारिक समारोहों में नाराज रिश्तेदारों के रूप में दिखाने वाले कई मीम भी सामने आए थे।
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