उत्तर प्रदेश में युवाओं को रचनात्मक मंच देने वाला अभियान लगातार विस्तार कर रहा है
Rang De Basanti Campaign के तहत कई शहरों में विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया जा रहा है
न्यूज़म ब्यूरो
लखनऊ | Rang De Basanti Campaign उत्तर प्रदेश में युवाओं और विद्यार्थियों को रचनात्मक मंच देने के उद्देश्य से आगे बढ़ रहा है। लखनऊ के नवयुग कन्या डिग्री कॉलेज में छात्राओं के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इसमें शिक्षा, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग पर चर्चा हुई। छात्राओं ने क्विज, रैंप वॉक, गायन, वाद-विवाद और काव्य पाठ में हिस्सा लिया। बेहतर प्रदर्शन करने वाली छह छात्राओं को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। अभियान के तहत विभिन्न जिलों से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन भी किया जा रहा है। चयनित विद्यार्थियों को शिक्षा और नवाचार के लिए 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की योजना है। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों में आवेदन लिए जा रहे हैं। अभियान के कार्यक्रम इलाहाबाद विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय और मुजफ्फरनगर के एसडी कॉलेज तक पहुंच चुके हैं। आयोजकों का कहना है कि अभियान का कारवां लगातार नए विद्यार्थियों से जुड़ रहा है।

Rang De Basanti Campaign : छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा
कार्यक्रम में छात्राओं ने कई रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
क्विज प्रतियोगिता और प्रतिभा प्रदर्शन कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा रहे।
छात्राओं ने रैंप वॉक, गायन, वाद-विवाद और काव्य पाठ प्रस्तुत किया।
इन गतिविधियों के जरिए छात्राओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिला।
कॉलेज की प्राचार्य मंजुला उपाध्याय ने अभियान की पहल को उपयोगी बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों को प्रतिभा निखारने का अवसर देते हैं।
उनके अनुसार, युवाओं को आगे बढ़ने के लिए ऐसे अवसर जरूरी हैं।
Rang De Basanti Campaign : छह छात्राओं को मिली ट्रॉफी
कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया।
रंग दे बसंती टीम की ओर से छह छात्राओं को ट्रॉफी दी गई।
मानवी राजपूत, आमना असद और रौशनी चौधरी को सम्मान मिला।
वर्तिका, शगुन और कुलेष्ठा को भी ट्रॉफी देकर प्रोत्साहित किया गया।
आयोजकों के अनुसार, इन पुरस्कारों का उद्देश्य छात्राओं का उत्साह बढ़ाना था।
इससे विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक क्षमता आगे भी प्रदर्शित करने की प्रेरणा मिलेगी।
अभियान टीम प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लगातार मंच देने की दिशा में काम कर रही है।
Rang De Basanti Campaign : प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आर्थिक मदद

अभियान के प्रदेश संयोजक के अनुसार, विभिन्न जिलों से विद्यार्थियों का चयन किया जा रहा है।
चयनित विद्यार्थियों को शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
उन्हें 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की योजना है।
अभियान के लिए प्रदेश के सभी जिलों में आवेदन भी लिए जा रहे हैं।
विद्यार्थी निर्धारित माध्यमों से आवेदन फॉर्म भर सकते हैं।
फॉर्म अभियान के इंस्टाग्राम पेज और वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
यह पहल प्रतिभा पहचानने के साथ उसे आगे बढ़ाने पर भी केंद्रित है।
इससे छोटे शहरों के विद्यार्थियों को भी व्यापक मंच मिलने की उम्मीद है।
Innovation और सोशल मीडिया पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा में तकनीकी बदलाव पर भी चर्चा हुई।
छात्राओं को नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल की जानकारी दी गई।
बदलते समय में सोशल मीडिया की भूमिका को भी समझाया गया।
छात्राओं से सोशल मीडिया के रचनात्मक उपयोग पर बातचीत हुई।
उन्हें अपनी प्रतिभा और विचारों को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने के तरीके बताए गए।
अभियान का फोकस युवाओं की रचनात्मक क्षमता को सही दिशा देना है।
Rang De Basanti Campaign : कई शहरों तक पहुंचा कारवां
अभियान की गतिविधियां लखनऊ तक सीमित नहीं हैं।
प्रदेश के कई शहरों में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कवि सम्मेलन इसका एक उदाहरण रहा।
लखनऊ विश्वविद्यालय में वॉल पेंटिंग कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
मुजफ्फरनगर के एसडी कॉलेज में कॉमिक बुक का विमोचन भी हुआ।
इन कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को अलग-अलग रचनात्मक मंच उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार, अभियान लगातार नए विद्यार्थियों तक पहुंच बना रहा है।
युवाओं को जोड़ने की कोशिश लगातार जारी
अभियान का विस्तार प्रदेश के अलग-अलग जिलों में किया जा रहा है।
इसमें शिक्षा, कला, नवाचार और रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।
विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा सामने लाने के अवसर दिए जा रहे हैं।
अभियान के जरिए युवाओं को सामाजिक मुद्दों से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है।
इसके साथ उन्हें सकारात्मक और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
लखनऊ का कार्यक्रम इसी व्यापक अभियान का एक हिस्सा रहा।
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