उत्तर प्रदेश एटीएस ने आजमगढ़ से एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है
एटीएस के अनुसार, आरोपी का संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़े नेटवर्क से था
न्यूज़म ब्यूरो
लखनऊ | UP ATS Terror Arrest मामले में उत्तर प्रदेश एटीएस ने आजमगढ़ से 19 वर्षीय मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया है। एटीएस के अनुसार, आरोपी का संबंध अलकायदा से जुड़े एक कथित ऑनलाइन नेटवर्क से था।
जांच एजेंसी का दावा है कि वह सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड समूहों के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहा था। जांच में देश और विदेश के कई लोगों से संपर्क की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। एजेंसी ने कुछ संदिग्ध ऑनलाइन समूहों और आतंकी विचारधारा से जुड़ी सामग्री की भी जांच शुरू की है। एटीएस के अनुसार, आरोपी युवाओं को विदेश जाकर कथित प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित कर रहा था। पाकिस्तान, तुर्की और बांग्लादेश से जुड़े संपर्कों की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी डिजिटल रिकॉर्ड, ऑनलाइन बातचीत और संदिग्ध संपर्कों के आधार पर पूरे नेटवर्क की भूमिका तलाश रही है। गिरफ्तारी के बाद अन्य संदिग्धों की भूमिका सामने आने की संभावना भी जताई जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि कानूनी प्रक्रिया के दौरान होगी।

UP ATS Terror Arrest : सोशल मीडिया के जरिए युवाओं पर नजर
जांच के अनुसार, मोहम्मद नबील ऑनलाइन मंचों का इस्तेमाल नए लोगों को जोड़ने के लिए कर रहा था।
एटीएस का कहना है कि उसका निशाना खासकर युवा वर्ग था।
उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी।
एजेंसी कथित गतिविधियों से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी कुछ बंद ऑनलाइन समूहों में सक्रिय था।
इन समूहों में धार्मिक कट्टरपंथ और हिंसा से जुड़ी सामग्री प्रसारित होने का आरोप है।
जांच एजेंसी का कहना है कि इन समूहों की सदस्यता कई देशों तक फैली थी।
आतंकी नेटवर्क का ऑनलाइन ढांचा खंगाल रही एटीएस
एटीएस को आरोपी के मोबाइल और डिजिटल संपर्कों से महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
जांच में एक व्हाट्सऐप समूह का भी पता चलने की बात कही गई है।
एजेंसी के मुताबिक, समूह में संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े संदेश मौजूद थे।
इन संदेशों और संपर्कों की अब तकनीकी जांच की जा रही है।
जांच एजेंसी ने कुछ संदिग्ध शब्दों और संकेतों के इस्तेमाल की बात भी कही है।
इन संकेतों के जरिए कथित गतिविधियों को छिपाने की कोशिश का दावा है।
एटीएस इन सभी पहलुओं को जोड़कर नेटवर्क की भूमिका समझ रही है।
UP ATS Terror Arrest : कट्टरपंथी साहित्य के प्रसार का आरोप
जांच में कुछ विवादित आतंकी साहित्य का जिक्र भी सामने आया है।
एटीएस का आरोप है कि आरोपी ने ऐसे साहित्य को समूहों में साझा किया।
सदस्यों को इसे पढ़ने के लिए प्रेरित करने की बात भी कही गई है।
एजेंसी का मानना है कि इस तरह की सामग्री युवाओं को प्रभावित कर सकती है।
इसी कारण डिजिटल प्रचार की भूमिका को जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एटीएस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सामग्री किसने साझा की।
Rajouri और दूसरे क्षेत्रों से संपर्क की जांच
एटीएस के अनुसार, आरोपी ने देश के अलग-अलग हिस्सों में संपर्क बनाए थे।
जम्मू-कश्मीर के लोगों से संपर्क होने की बात भी जांच में सामने आई है।
एजेंसी अब इन संपर्कों की वास्तविक भूमिका का पता लगा रही है।
जांच में विदेशों से जुड़े ऑनलाइन संपर्कों का भी जिक्र किया गया है।
कुछ समूहों में बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब के लोगों की मौजूदगी बताई गई है।
एटीएस इन संपर्कों की पुष्टि और उद्देश्य की जांच कर रही है।
UP ATS Terror Arrest : विदेश में प्रशिक्षण की कथित योजना
जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी लोगों को विदेश जाकर प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित कर रहा था।
पाकिस्तान, तुर्की और बांग्लादेश का नाम इस जांच में सामने आया है।
एटीएस का दावा है कि यह गतिविधियां हिंसक नेटवर्क तैयार करने की दिशा में थीं।
जांच एजेंसी ने हिंसक गतिविधियों से जुड़ी सामग्री साझा करने का भी आरोप लगाया है।
हालांकि, इन सभी आरोपों की विस्तृत जांच अभी जारी है।
एटीएस डिजिटल रिकॉर्ड और संपर्कों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
जांच के दायरे में और लोग भी आ सकते हैं
मोहम्मद नबील की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और तेज हो गई है।
एटीएस उसके संपर्कों और ऑनलाइन गतिविधियों की विस्तृत पड़ताल कर रही है।
जांच के दौरान अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नेटवर्क कितना बड़ा था।
साथ ही फंडिंग, डिजिटल संपर्क और प्रचार से जुड़े पहलुओं की जांच हो रही है।
आगे की कार्रवाई जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई पर सरकार का जोर
उत्तर प्रदेश में आतंकवाद और कट्टरपंथी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
एटीएस लगातार संदिग्ध डिजिटल नेटवर्क और आतंकी संपर्कों पर नजर रख रही है।
आजमगढ़ से हुई यह गिरफ्तारी भी इसी जांच अभियान का हिस्सा बताई गई है।
फिलहाल एजेंसी आरोपी से पूछताछ कर रही है।
जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी से मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
एटीएस ने पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ाई है।
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