लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को लेकर बड़ा ऐलान किया
उन्होंने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर में Seva Sankalp Abhiyan चलेगा
न्यूज़म ब्यूरो
लखनऊ | Seva Sankalp Abhiyan के तहत उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशव्यापी कार्यक्रम आयोजित होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में अभियान की विस्तृत कार्ययोजना साझा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को सेवा दिवस के रूप में मनाया जाएगा। ग्राम पंचायतों और नगर निकायों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया जाएगा। बड़नगर और काशी के बीच 20 यात्राएं निकाली जाएंगी। इन यात्राओं में उत्तर प्रदेश की 10 नदियों का जल गुजरात ले जाया जाएगा। प्रदेश के 826 विकासखंडों और 762 नगर निकायों में ‘सेवा सेतु’ शिविर आयोजित होंगे। इन शिविरों में पात्र लेकिन वंचित लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। अस्पतालों में फल वितरण और रक्तदान शिविर भी लगाए जाएंगे। स्कूलों और विश्वविद्यालयों में चित्रकला, निबंध और भाषण प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र और पुरस्कार दिए जाएंगे। अभियान में आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के सम्मान की भी योजना है। ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ के जरिए लाभार्थियों के अनुभव सामने लाए जाएंगे। ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के जरिए हर जिले में सेवा संदेश पहुंचाया जाएगा। ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत स्वच्छता, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। अभियान में नवाचार, स्टार्टअप, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और सुशासन से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा के प्रति कृतज्ञता का अभियान बताया।

Seva Sankalp Abhiyan : 17 सितंबर को मनाया जाएगा सेवा दिवस
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन 17 सितंबर को सेवा दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
इस दिन प्रदेश की ग्राम पंचायतों और नगर निकायों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया जाएगा।
महत्वपूर्ण सरकारी और सार्वजनिक प्रतिष्ठानों को भी इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा।
योगी ने बताया कि अभियान में जनभागीदारी को विशेष महत्व दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की जाएगी।
इसके लिए पूरे प्रदेश में सेवा आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
Seva Sankalp Abhiyan : बड़नगर और काशी के बीच निकलेंगी 20 यात्राएं

मुख्यमंत्री ने अभियान के तहत 20 विशेष यात्राओं की घोषणा की।
बड़नगर से काशी की ओर 10 यात्राएं और काशी से बड़नगर की ओर 10 यात्राएं जाएंगी।
इन यात्राओं में गुजरात का जल और उत्तर प्रदेश की 10 नदियों का जल शामिल होगा।
ये यात्राएं 17 सितंबर से शुरू होकर सात अक्टूबर तक अपने गंतव्य पर पहुंचेंगी।
हर यात्रा में प्रतिदिन चार स्थानों पर जनसंवाद और चौपाल आयोजित की जाएंगी।
इन कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री के ‘राष्ट्र प्रथम’ दृष्टिकोण पर चर्चा होगी।
गांव, गरीब, किसान, युवा, महिलाओं और हर वर्ग से जुड़े कार्यों पर संवाद होगा।
826 विकासखंड और 762 नगर निकायों में सेवा सेतु

अभियान के तहत 826 विकासखंडों और 762 नगर निकायों में ‘सेवा सेतु’ आयोजित होगा।
यह कार्यक्रम 29 और 30 सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच चलाया जाएगा।
प्रत्येक स्थान पर छह से सात दिन तक सरकारी योजनाओं के शिविर लगाए जाएंगे।
शिविरों में पात्र लेकिन वंचित लोगों का मौके पर पंजीकरण किया जाएगा।
स्वास्थ्य योजनाओं से वंचित लोगों का भी तत्काल पंजीकरण कराया जाएगा।
सत्यापन के बाद पात्र लाभार्थियों को कुछ दिनों में कार्ड उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी।
पेंशन, आवास, शौचालय और राशन कार्ड जैसी योजनाओं से लोगों को जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संभव हुआ तो शिविर में ही लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर यह अभियान दो चरणों में भी चल सकता है।
इस अभियान में सभी जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना है।
अस्पतालों में फल वितरण और रक्तदान शिविर
सेवा दिवस के अवसर पर अस्पतालों में फल वितरण कार्यक्रम होंगे।
इसके साथ रक्तदान शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।
युवा मोर्चा और भाजपा कार्यकर्ता इन सेवा गतिविधियों में भाग लेंगे।
मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री के प्रति आभार जताने का माध्यम बताया।
विद्यार्थियों के लिए चित्रकला, निबंध और भाषण प्रतियोगिताएं

प्रदेश के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भी कई कार्यक्रम आयोजित होंगे।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक शिक्षा संस्थानों में विभिन्न प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।
कक्षा पांच से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता होगी।
ग्रामसभा, विकासखंड और जनपद स्तर पर प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।
सात अक्टूबर के समापन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री चयनित बच्चों को सम्मानित करेंगे।
उन्हें प्रमाणपत्र और पुरस्कार दिए जाएंगे।
कक्षा नौ से बारह तक निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भाषण प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी।
इन प्रतियोगिताओं की थीम आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए आत्मनिर्भर विकसित उत्तर प्रदेश होगी।
युवा केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बना
मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप व्यवस्था के विस्तार को भी अभियान से जोड़ा।
उन्होंने कहा कि युवाओं को अब नौकरी खोजने के साथ अवसर बनाने का मंच मिला है।
2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप होने का दावा किया गया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो चुकी है।
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, पॉलिटेक्निक और तकनीकी संस्थानों को अभियान से जोड़ा जाएगा।
विश्वविद्यालयों और प्रदेश के स्टार्टअप भी नवाचार कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाओं के विद्यार्थियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
इन प्रयोगशालाओं में अंतरिक्ष, ड्रोन और रोबोटिक्स की शिक्षा दी जा रही है।
इनक्यूबेटर केंद्रों और अन्य तकनीकी संस्थानों को भी अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा।
‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ में सामने आएगा बदलाव
मुख्यमंत्री ने लोगों के जीवन में आए बदलावों की कहानियां सामने लाने की योजना बताई।
इसके लिए ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ कार्यक्रम चलाया जाएगा।
इसमें जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभ पाने वाले लोगों के अनुभव साझा किए जाएंगे।
इन कहानियों में गांव और शहर दोनों क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर, मेट्रो, एयरपोर्ट और रक्षा निर्माण गलियारे से जुड़े बदलाव भी सामने आएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई ऐसी कहानियां हैं जो अभी तक सामने नहीं आई हैं।
आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का होगा सम्मान
अभियान में ‘आंगन मिलन का सेवा’ कार्यक्रम भी शामिल किया गया है।
इस कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा बहनों का सम्मान होगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्वस्थ शिशु प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।
विकासखंड और जनपद स्तर पर इन प्रतियोगिताओं के आयोजन की योजना है।
मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों और बाल वाटिका वाले केंद्रों में विशेष कार्यक्रम होंगे।
कुपोषित बच्चों के पोषण सुधार में योगदान देने वाली कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलेगा।
गर्भवती और धात्री महिलाओं को योजनाओं से जोड़ने वाली कार्यकर्ताओं की भी सराहना होगी।
शिक्षा और ढांचे में बदलाव की कहानी भी सामने आएगी
‘सेवा की कहानी’ कार्यक्रम के तहत विकास कार्यों को जनता के सामने रखा जाएगा।
अटल आवासीय विद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों के बदलाव को भी दिखाया जाएगा।
निर्माण श्रमिकों और निराश्रित बच्चों के लिए बने विद्यालयों को विशेष स्थान मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बच्चों को आधुनिक सुविधाओं के साथ शिक्षा मिल रही है।
उनके जीवन में आए बदलावों को संवाद और नवाचार के जरिए सामने लाया जाएगा।
हर जिले में निकलेगी सेवा ज्योति कलश यात्रा
‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ हर जिले के प्रमुख चौराहों पर आयोजित की जाएगी।
इसमें प्रधानमंत्री की 25 वर्षों की सेवा यात्रा के संदेश को सामने रखा जाएगा।
अलग-अलग क्षेत्रों की उपलब्धियों से जुड़े कार्यकर्ता पैदल, साइकिल या बाइक से पहुंचेंगे।
चौराहों पर प्रधानमंत्री की सेवा यात्रा से जुड़े संदेश प्रदर्शित किए जाएंगे।
एलईडी स्क्रीन पर उनका महत्वपूर्ण संबोधन भी सुनाया जाएगा।
इसके जरिए नागरिकों के कर्तव्यों और जनभागीदारी पर भी जोर दिया जाएगा।
स्वच्छता से रक्तदान तक चलेगा सेवा मेरा योगदान

‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत कई सेवा गतिविधियां होंगी।
मलिन बस्तियों, घाटों, देवालयों और सार्वजनिक स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित होंगे।
मंत्री, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और आम लोग इसमें भाग लेंगे।
इस दौरान स्वच्छता अभियान और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसी गतिविधियां होंगी।
रक्तदान और स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।
मतदाता जागरूकता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के कार्यक्रम भी होंगे।
युवाओं के लिए करियर परामर्श कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।
वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
गोसेवा से जुड़े कार्यक्रमों को भी अभियान में शामिल किया जाएगा।
‘सुशासन सेवा संवाद’ में जनप्रतिनिधियों से संवाद
मुख्यमंत्री ने अभियान के 12वें कार्यक्रम की भी जानकारी दी।
इसके तहत ‘सुशासन सेवा संवाद’ आयोजित किया जाएगा।
इसमें पंचायतों और नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों से संवाद प्रस्तावित है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस संवाद की योजना बताई गई है।
कार्यक्रम का स्थान अभी तय नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य सेवा और सुशासन को जनभागीदारी से जोड़ना है।
नवाचार और विकास कार्यों को भी इस संवाद का हिस्सा बनाया जाएगा।
पंडित दीनदयाल और महात्मा गांधी की जयंती भी अभियान से जुड़ी
25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा।
दो अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती के कार्यक्रम भी अभियान का हिस्सा होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों महापुरुषों के विचार सेवा भावना से जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि अंत्योदय और ग्राम स्वराज की भावना इस अभियान में दिखाई देगी।
उनके अनुसार, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की सोच भी इन्हीं विचारों को आगे बढ़ाती है।
प्रधानमंत्री के 25 वर्षों की सेवा यात्रा पर फोकस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी की लंबी सार्वजनिक सेवा यात्रा का उल्लेख किया।
उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके शुरुआती कार्यकाल की चर्चा की।
उन्होंने सरदार सरोवर परियोजना और पेयजल पहुंचाने का उदाहरण भी दिया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, गुजरात में बुनियादी ढांचे और आधुनिक तकनीक पर जोर बढ़ा।
उन्होंने कहा कि इसके बाद देश के स्तर पर भी व्यापक बदलाव हुए।
योगी ने कहा कि 2014 के बाद देश ने नई विकास दृष्टि अपनाई।
उन्होंने एक भारत श्रेष्ठ भारत, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत का जिक्र किया।
उनके अनुसार, बुनियादी ढांचा देश की प्रगति की रीढ़ बना है।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में बदलाव का दावा
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और शिक्षा के विस्तार को भी रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि देश में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों की संख्या बढ़ी है।
इसके साथ तकनीकी और प्रबंधन संस्थानों के विस्तार का भी उल्लेख किया।
इन्सेफेलाइटिस के खिलाफ नियंत्रण को भी उन्होंने महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उन्होंने स्वच्छता, पेयजल और स्वास्थ्य योजनाओं की भूमिका का उल्लेख किया।
कोविड काल में देश में वैक्सीन उत्पादन की क्षमता का भी जिक्र किया।
जनधन और सीधे लाभ हस्तांतरण का उल्लेख
योगी आदित्यनाथ ने सीधे लाभ हस्तांतरण व्यवस्था को भी बदलाव का उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि जनधन खातों ने सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे खातों तक पहुंचाया।
उनके अनुसार, इससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई।
उन्होंने कहा कि गरीबों का सरकार और व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हुआ।
सरकारी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिलने का भी दावा किया।
मुफ्त राशन, आवास, शौचालय, रसोई गैस और बिजली कनेक्शन का उल्लेख हुआ।
इंफ्रास्ट्रक्चर को बताया भारत की प्रगति की रीढ़

मुख्यमंत्री ने हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे और मेट्रो के विस्तार की चर्चा की।
उन्होंने एयरपोर्ट, बंदरगाह और जलमार्गों के विकास का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि आधुनिक परिवहन व्यवस्था देश की गति बढ़ा रही है।
उन्होंने वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत जैसी सेवाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में त्वरित रेल सेवा के विस्तार की भी चर्चा की।
उनके अनुसार, देश में आधुनिक बुनियादी ढांचा तेजी से विकसित हुआ है।
26 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने का दावा
मुख्यमंत्री ने केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियां भी गिनाईं।
उन्होंने कहा कि देश में 26 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं।
उत्तर प्रदेश में छह करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिलने का दावा किया गया।
उन्होंने कहा कि करोड़ों लाभार्थी योजनाओं के जरिए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े हैं।
इन योजनाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुंच को सरकार की प्राथमिकता बताया गया।
सेवा संकल्प अभियान हर स्तर तक पहुंचाने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा।
इसे गांव, बूथ, शक्ति केंद्र और विकासखंड तक पहुंचाया जाएगा।
हर जनपद और पूरे प्रदेश को अभियान से जोड़ने की योजना है।
उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन मिलकर कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएंगे।
इसका उद्देश्य सेवा, जनभागीदारी, विकास और सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि अभियान प्रधानमंत्री की 25 वर्षों की सेवा यात्रा के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक होगा।
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