लखनऊ विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम से पहले कई छात्र नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया
समाजवादी छात्र सभा और युवजन सभा से जुड़े छात्रों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई
न्यूज़म ब्यूरो
लखनऊ | Student Protest के दौरान लखनऊ विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम से पहले समाजवादी छात्र सभा और युवजन सभा से जुड़े कई छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
छात्र नेता विश्वविद्यालय की फीस और हॉस्टल शुल्क में बढ़ोतरी का विरोध कर रहे थे। उन्होंने बढ़ी फीस वापस लेने और लखनऊ विश्वविद्यालय का सरकारी अनुदान बढ़ाने की मांग की। छात्रों के अनुसार, वे मुख्यमंत्री के सामने शिक्षा के अधिकार सहित अन्य छात्र मुद्दे उठाना चाहते थे। महेंद्र यादव को शुक्रवार रात बलरामपुर हॉस्टल से हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई। हर्षित शुक्ला समेत कई अन्य छात्रों को भी अलग-अलग स्थानों से पकड़ा गया। कुछ छात्र गेट नंबर तीन के पास नारेबाजी करते मिले, जिन्हें बाद में हसनगंज थाने भेजा गया। छात्रों ने करीब 10 घंटे तक हिरासत में रखे जाने का दावा किया। इस दौरान अनिल यादव मास्टर, महेंद्र कुमार यादव, अतुल शुक्ला, शुभम खरवार, प्रिंस कुमार, शिवा यादव, रुस्तम सिंह सहित कई नाम सामने आए। एबीवीपी से जुड़े छात्र नेताओं ने समाजवादी छात्र सभा के रुख पर भी सवाल उठाए। मामले में पुलिस का विस्तृत पक्ष इस उपलब्ध सामग्री में सामने नहीं आया है।

Student Protest : रात में छात्र नेता को हिरासत में लेने का आरोप
छात्र सभा के महेंद्र यादव को शुक्रवार रात करीब ढाई बजे हिरासत में लिया गया।
उन्हें बलरामपुर हॉस्टल से लखनऊ विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी ने हिरासत में लिया।
इसके बाद हर्षित शुक्ला समेत कई अन्य छात्रों को भी अलग-अलग स्थानों से पकड़ा गया।
छात्र संगठनों के अनुसार, करीब एक दर्जन से अधिक छात्रों को हिरासत में लिया गया।
कुछ छात्र पुलिस की कार्रवाई से बचकर कार्यक्रम स्थल के पास तक पहुंच गए।
वे लखनऊ विश्वविद्यालय के गेट नंबर तीन के पास नारेबाजी करने लगे।
पुलिसकर्मियों ने उन्हें भी मौके से हिरासत में ले लिया।
बाद में उन्हें हसनगंज थाने भेज दिया गया।
Student Protest : फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों का विरोध
छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय की फीस बढ़ोतरी पर सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस में बढ़ोतरी की गई है।
हॉस्टल फीस बढ़ाए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है।
छात्रों ने इन बढ़ी हुई फीस को तत्काल वापस लेने की मांग की।
महेंद्र यादव समेत छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से भी सवाल किए।
उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय के सरकारी अनुदान को बढ़ाने की मांग रखी।
छात्रों के अनुसार, पर्याप्त सरकारी सहायता से विद्यार्थियों पर आर्थिक दबाव कम हो सकता है।
Student Protest : मुख्यमंत्री के सामने मुद्दे उठाने की तैयारी
छात्र संगठनों ने सोशल मीडिया के जरिए अपने विरोध की जानकारी साझा की।
उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री के सामने छात्रों से जुड़े मुद्दे रखना चाहते थे।
शिक्षा के अधिकार और विश्वविद्यालय को पर्याप्त सरकारी अनुदान की मांग भी शामिल थी।
छात्र नेताओं का आरोप है कि उन्हें अपनी बात रखने से रोका गया।
उनका दावा है कि पुलिस ने कार्यक्रम से पहले कार्रवाई कर विरोध दबाया।
हालांकि, हिरासत को लेकर पुलिस का विस्तृत पक्ष इस सामग्री में उपलब्ध नहीं है।
करीब 10 घंटे तक हिरासत में रखने का दावा

छात्रों के मुताबिक, कई नेताओं को करीब 10 घंटे तक हिरासत में रखा गया।
इनमें अनिल यादव मास्टर और महेंद्र कुमार यादव शामिल बताए गए हैं।
अतुल शुक्ला और शुभम खरवार का नाम भी सूची में है।
प्रिंस कुमार, शिवा यादव और रुस्तम सिंह भी हिरासत में लिए गए।
आदित्य पाण्डेय, रोहित यादव और प्रेम प्रकाश के नाम भी सामने आए हैं।
जीतू कश्यप और अहमद रजा खान भी इस सूची में बताए गए।
नवनीत यादव, अक्षय वर्मा और अजितेंद्र आजाद का नाम भी शामिल है।
राणा सुधांशु सिंह, प्रियांशु यादव और अलोक यादव भी हिरासत में बताए गए।
Student Protest: समाजवादी छात्र सभा के दोहरे रुख पर सवाल
इस घटनाक्रम के बीच एबीवीपी से जुड़े छात्र नेताओं ने भी सवाल उठाए।
उन्होंने समाजवादी छात्र सभा के रुख को लेकर विरोधाभास का आरोप लगाया।
उनका कहना है कि अलग-अलग मौकों पर संगठन का व्यवहार अलग दिखाई देता है।
एबीवीपी नेताओं ने कुलपति को लेकर समाजवादी छात्र सभा के पुराने बयानों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि कुछ छात्र नेता कुलपति पर तीखी टिप्पणी करते रहे हैं।
इसके बावजूद छात्र सभा की नई ड्रेस के समय वे कुलपति से मिले।
उन्होंने उस दौरान संविधान की पुस्तक भेंट की और मिठाई भी खाई।
एबीवीपी नेताओं ने इसे छात्र राजनीति में दोहरे रवैये का उदाहरण बताया।
हालांकि, इस बयान पर समाजवादी छात्र सभा की प्रतिक्रिया यहां उपलब्ध नहीं है।
Student Protest: कुलपति के खिलाफ मांगों को लेकर नाराजगी

महेंद्र यादव ने फीस और हॉस्टल शुल्क को लेकर मांगें सार्वजनिक की हैं।
उन्होंने कुलपति प्रोफेसर जयप्रकाश सैनी से फीस बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की।
इसके अलावा विश्वविद्यालय का सरकारी अनुदान पर्याप्त रूप से बढ़ाने की बात कही।
छात्र नेताओं का कहना है कि फीस में बढ़ोतरी से विद्यार्थियों पर बोझ बढ़ रहा है।
उन्होंने शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन से जवाबदेही की मांग की।
छात्र संगठन इन मांगों को लेकर आगे भी आवाज उठाने की बात कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान बढ़ी थी सुरक्षा
गोमती पुस्तक मेले के उद्घाटन को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई थी।
मुख्यमंत्री के आगमन से पहले पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी तेज की।
इसी दौरान विरोध की आशंका के बीच कई छात्र नेताओं को हिरासत में लिया गया।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद हिरासत में लिए गए छात्रों को छोड़ दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम ने विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति को फिर चर्चा में ला दिया है।
फीस, अनुदान और छात्र अधिकारों के मुद्दे अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गए हैं।
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