ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर एयरपोर्ट के पास दर्दनाक हादसा, दिल्ली से महोबा जा रही बस में 40 से 50 यात्री थे सवार; चालक-परिचालक पर लापरवाही के आरोप, पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया
राहुल गुप्ता
ग्रेटर नोएडा, 24 सितंबर। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बुधवार देर रात यमुना एक्सप्रेसवे पर एक चलती स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। जेवर एयरपोर्ट के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं। आग लगने के बाद बस में अफरा-तफरी मच गई और कुछ यात्रियों ने जान बचाने के लिए चलती बस से छलांग लगा दी।
पुलिस के मुताबिक, बस दिल्ली से महोबा जा रही थी। हादसे के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और मामले की जांच की जा रही है।
बस में सवार थे 40 से 50 लोग
बताया जा रहा है कि राज कल्पना ट्रेवल्स की स्लीपर बस ने दिल्ली के कश्मीरी गेट से यात्रा शुरू की थी। हादसे के समय बस में करीब 40 से 50 यात्री सवार थे।
पुलिस के अनुसार, यात्रियों ने चालक और परिचालक पर आरोप लगाया है कि बस में जलने की गंध आने के बावजूद उन्होंने वाहन नहीं रोका। यात्रियों का कहना है कि चालक और परिचालक को इस बारे में बताया गया था, लेकिन उन्होंने गंध को सामान्य बताते हुए बस चलती रहने दी।
इसके कुछ देर बाद चालक की सीट के पास अचानक आग की लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।
धुएं से भर गई बस, जान बचाने के लिए मची भगदड़
आग लगते ही बस के अंदर धुआं भर गया। यात्रियों को बाहर निकलने में काफी परेशानी हुई। कुछ लोगों ने चलती बस से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई, जबकि कई यात्री बस के अंदर ही फंस गए।
पुलिस और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को बाहर निकाला। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस ने दर्ज किया गैर-इरादतन हत्या का मामला
पुलिस ने इस मामले में गैर-इरादतन हत्या, लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है। यात्रियों के आरोपों और हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बस में आग किस वजह से लगी और आग लगने के बाद यात्रियों को बाहर निकलने में इतनी परेशानी क्यों हुई।
योगी सरकार ने मुआवजे का किया ऐलान
हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मृतकों के परिवारों से संपर्क कर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
यात्रियों ने बताई हादसे की पूरी कहानी
एक महिला यात्री ने बताया कि वह अपने स्लीपर केबिन में सो रही थीं। तभी किसी ने दरवाजा खटखटाकर बस में आग लगने की जानकारी दी। वह अपना फोन लेकर तुरंत बाहर निकलने की कोशिश करने लगीं।
महिला के मुताबिक, बस के अंदर इतना धुआं भर गया था कि कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की हो रही थी। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने उन्हें बाहर खींचकर बस से निकाला।
एक अन्य यात्री ने बताया कि बस से बाहर निकलना बेहद मुश्किल था। धुएं के कारण कई लोगों का दम घुटने लगा था और यात्री किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।