पतंजलि के घी को लेकर दिए गए बयान से जुड़ा है मामला, कंपनी का दावा- बयान से ब्रांड इमेज और शेयर मूल्य पर पड़ा असर
राहुल गुप्ता
इंदौर, 16 सितंबर।
भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी के पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने 50 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर किया है। यह मामला पतंजलि के घी को लेकर ब्रजभूषण शरण सिंह की ओर से दिए गए कथित विवादित बयानों से जुड़ा है। मामले की सुनवाई मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में चल रही है।
हाईकोर्ट में हुई सुनवाई
मंगलवार 15 सितंबर को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान ब्रजभूषण शरण सिंह की ओर से उनके अधिवक्ता ने वकालतनामा पेश किया और जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से समय मांगा। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 18 सितंबर की तारीख तय की है।
मामला उस बयान से जुड़ा है, जिसमें ब्रजभूषण शरण सिंह ने पतंजलि के घी की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। साल 2022 में उन्होंने सार्वजनिक मंच से पतंजलि के घी को कथित तौर पर ‘नकली’ बताया था और लोगों से घर में गाय या भैंस पालने की अपील की थी। इस बयान के बाद रामदेव और ब्रजभूषण शरण सिंह के बीच विवाद सामने आया था।
पतंजलि ने ब्रांड को नुकसान पहुंचने का दावा किया
पतंजलि फूड्स की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता विक्रम मालवीय के अनुसार, ब्रजभूषण शरण सिंह के बयान से कंपनी की ब्रांड इमेज को नुकसान पहुंचा। कंपनी की ओर से यह भी दावा किया गया कि बयान सार्वजनिक रूप से प्रसारित होने के बाद उसके शेयर मूल्य पर असर पड़ा और उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
इन्हीं दावों के आधार पर पतंजलि फूड्स ने पहले जिला कोर्ट में 50 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा पेश किया था। कंपनी का कहना है कि सार्वजनिक मंच से दिए गए बयानों के कारण उसके उत्पाद और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
जिला कोर्ट से हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
मामले की शुरुआती सुनवाई जिला कोर्ट में हुई थी। अदालत की ओर से ब्रजभूषण शरण सिंह को नोटिस जारी किए गए। बाद में मामला ट्रायल के चरण में पहुंचा। सुनवाई के दौरान इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को लेकर विवाद सामने आया, जिसके बाद मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा।
हाईकोर्ट में कंपनी की ओर से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से जुड़े दस्तावेज और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेशों का हवाला भी दिया गया। पिछली सुनवाई में अदालत ने ब्रजभूषण शरण सिंह से जवाब मांगा था। मंगलवार को उनके अधिवक्ता अदालत में पेश हुए और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। अब 18 सितंबर को मामले की अगली सुनवाई होगी।
इंदौर में क्यों दायर हुआ मामला
पतंजलि फूड्स लिमिटेड का कार्यालय इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में स्थित है। कंपनी की ओर से इसी क्षेत्र को आधार बनाकर मानहानि का मामला इंदौर में दायर किया गया है।
2022 से चला आ रहा है विवाद
ब्रजभूषण शरण सिंह और पतंजलि समूह से जुड़ा विवाद पुराना है। साल 2022 में सिंह ने रामदेव और पतंजलि के उत्पादों को लेकर सार्वजनिक तौर पर सवाल उठाए थे। उन्होंने पतंजलि ब्रांड के नाम को लेकर भी आपत्ति जताई थी।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी सामने आती रही है। अगस्त 2026 में भी ब्रजभूषण शरण सिंह ने पतंजलि के उत्पादों और देश में मिल रहे कथित मिलावटी घी को लेकर रामदेव पर सवाल उठाए थे।
पतंजलि के घी पर पहले भी हुई थी कार्रवाई
साल 2025 में पिथौरागढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने पतंजलि के घी से जुड़े मामले में कार्रवाई की थी। विभाग के मुताबिक, साल 2020 में घी का नमूना जांच के लिए लिया गया था, जो पहली जांच में मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।
इसके बाद कंपनी ने नमूने की दोबारा जांच कराई, लेकिन दूसरी जांच में भी घी निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं पाया गया। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा और कोर्ट ने पतंजलि पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
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