शादी का वादा पूरा नहीं करने पर आरोपी की जमानत रद्द हुई थी, लेकिन गैर-जमानती वारंट के बावजूद पुलिस उसे अदालत में पेश नहीं कर सकी
राहुल गुप्ता
प्रयागराज, 25 अक्टूबर। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी को अदालत में पेश नहीं किए जाने पर मेरठ के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के प्रति सख्त रुख अपनाया। शनिवार को अदालत पहुंचे एसएसपी को करीब 45 मिनट तक खड़ा रहना पड़ा। कोर्ट ने उन्हें आरोपी नितीश उर्फ सिद्धान्त उर्फ सेठी को पेश कराने का निर्देश दिया था।
शादी का वादा कर मांगी थी जमानत
मामला मेरठ की एक युवती से जुड़ा है। आरोप है कि आरोपी ने पिछले साल शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। बाद में हाईकोर्ट में आरोपी ने पीड़िता से शादी करने का वादा किया और इसी आधार पर जमानत मांगी। मार्च 2026 में अदालत ने उसे जमानत दे दी थी।
वादा पूरा नहीं करने पर रद्द हुई जमानत
आरोप है कि जमानत मिलने के बाद आरोपी ने पीड़िता से शादी करने का वादा पूरा नहीं किया। इसके बाद पीड़िता ने हाईकोर्ट का रुख किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी की जमानत रद्द कर दी और उसे पेश करने के लिए गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया।
कई तारीखों पर पेश नहीं कर सकी पुलिस
इसके बावजूद पुलिस कई सुनवाई की तारीखों पर आरोपी को अदालत में पेश नहीं कर सकी। इस पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए आठ अक्टूबर को मेरठ के एसएसपी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया था। शनिवार को एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति अदालत पहुंचे और उन्हें करीब 45 मिनट तक खड़ा रहना पड़ा।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।