क्रोनिक किडनी डिजीज का मुकाबला संतुलित और संयमित जीवन से संभव : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

छोटे बच्चों को किडनी की बीमारी से बचाने के लिए व्यापक रणनीति बनाने की सलाह

उत्तर प्रदेश में इंसेफ्लाइटिस की बीमारी को हमने खत्म करके एक उदाहरण प्रस्तुत किया : मुख्यमंत्री

18 दिसंबर, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसजीपीजीआई में इंडियन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के 54वें वार्षिक अधिवेशन में बोलते हुए कहा कि क्रोनिक किडनी डिजीज का मुकाबला संतुलित और संयमित जीवन से कर सकते हैं। छोटे बच्चे भी क्रोनिक किडनी डिजीज की चपेट में हैं, जिनको बचाने के लिए व्यापक रणनीति बनाने की सलाह मुख्यमंत्री ने दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने दो साल में उत्तर प्रदेश में इंसेफ्लाइटिस बीमारी के खत्म करके एक उत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया है।

 

Advertisement

प्रदेश के अस्पतालों में धन की कमी नहीं, विश्वस्तरीय सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसजीपीजीआई अपनी स्थापना के समय से ही मानवता की सेवा कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकारों में प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र उपेक्षित था। अस्पतालों को धन की कमी से जूझना पड़ता था। हॉस्पिटल गंदगी और अव्यवस्था का पर्याय बन गए थे। 2017 के बाद हमने एसजीपीजीआई समेत प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल को धन की कमी नहीं होने दी है। उत्तर प्रदेश में 1947 से लेकर 2017 तक केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे लेकिन अब प्रदेश में 80 मेडिकल 25 करोड़ नागरिकों की सेवा कर रहे हैं।

 

कोरोना काल अस्पतालों ने करोड़ों मरीजों को बचाया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना काल में एसजीपीजीआई समेत सरकारी अस्पतालों की उत्कृष्ट सेवा को याद करते हुए कहा कि हमने संकट की घड़ी में कुशलता से काम किया था। उस समय तकनीक को चिकित्सा सेवा से जोड़ते हुए टेलीमेडिसिन का सहारा लेकर कोराना मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया गया।

 

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने अकेले एक वर्ष में प्रदेश के नागरिकों के इलाज के लिए 1300 करोड़ रुपये उपलब्ध कराया। आज आयुष्मान भारत के अंतर्गत साढ़े 5 करोड़ गोल्डेन कार्ड बन चुके हैं। आयुष्मान कार्ड के तहत किडनी की बीमारी से ग्रस्त मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है।

Special Offer
ADVERTISEMENT

 

नागरिकों की सेहत के लिए सरकार गंभीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं है। हमारे पास अस्पतालों को वित्तीय सहायता करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है। पहले वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया था अब वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज है। हमने हर जिले के सरकारी अस्पताल में डायलिसिस की व्यवस्था की है। हम नागरिकों की सेहत से समझौता नहीं करने वाले हैं। हमारी सरकार मिलावटखोरों के खिलाफ समय समय पर अभियान चलाती रहती है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार 34 जनपदों में नेचुरल फॉर्मिंग को बढ़ावा दे रही है। हम खेती में उर्वरक के प्रयोग को कम करने की दिशा में काम कर रह हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल में 2017 से पहले इंसेप्लाइटिस से हजारों बच्चों की मौत हो जाती थी लेकिन हमने 2017 में सरकार बनने के बाद 2 साल में इस बीमारी को खत्म कर दिया।

 

चार दिवसीय कार्यशाला में किडनी रोग के इलाज पर चर्चा
संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में इंडियन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के 54वें वार्षिक अधिवेशन का गुरुवार को भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान 18 से 21 दिसंबर तक चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला ISNCON-2025 में किडनी रोगों के आधुनिक उपचार, अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों पर व्यापक विमर्श किया जा रहा है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह तथा एसजीपीजीआई के निदेशक प्रोफेसर राधाकृष्ण धीमन भी मंच पर उपस्थित रहे। कार्यशाला के आयोजक सचिव प्रोफेसर नारायण प्रसाद ने बताया कि इस कार्यशाला में यूरोप, अमेरिका, नेपाल, बांग्लादेश, से भी विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक छोटा सा उदाहरण देता हूं मैं 5 बार गोरखपुर से सांसद रहा। वहां उस क्षेत्र में इंसेफ्लाइटिस का प्रकोप था। हर वर्ष जुलाई से लेकर नवंबर तक सैकड़ो बच्चों की मौत होती थी। 40 वर्षो में 50 हजार से ज्यादा बच्चो की मौत होती थी। मैं पहला जनप्रतिनिधि था जो इस मुद्दे को संसद में उठाया,सड़को पर संघर्ष किया। जब मुझे ही यहां मुख्यमंत्री बनाकर भेजा गया तब तक मेरे पास 18,19 वर्षो के संघर्ष का अनुभव था। तब मैंने उत्तरप्रदेश सरकार के 12 विभागों को एक साथ बुलाया और एक साथ कार्यक्रम चलाया। स्वास्थ्य विभाग इसका नोडल विभाग बनाया,और मैं हर 15 दिन में इसकी समीक्षा करता था। उस समय भारत सरकार और यूनिसेफ, डब्ल्यू एच ओ ने भी हमे सपोर्ट किया। इसका परिणाम हुआ कि हमने अगले 2 वर्षो में इंसेफ्लाइटिस को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया।

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
Tap to Refresh