राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष इं. हरिकिशोर तिवारी ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को भेजा पत्र
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, राज्यमंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव को भी पत्र भेजा
न्यूज़म ब्यूरो
लखनऊ, 26 अगस्त। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष इं. हरिकिशोर तिवारी ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक को पत्र लिखकर दिल्ली एम्स की भॉति उत्तर प्रदेश में एनसीए भवन स्थापित किए जाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि एम्स में वरिष्ठ नागरिकों के इलाज के लिए मानसिक रोग विभाग, आर्थोपेडिक विभाग, न्यूरोलॉजी विभाग, कार्डियोलॉजी विभाग, यूरोलॉजी विभाग और सर्जरी विभाग जैसी सुविधाएं दी जा रही है। उन्होंने इस आशय का पत्र केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगतप्रसाद नड्डा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्रालय के राज्य मन्त्री प्रतापराव गणपतराव जाधव, भारत सरकार के सचिव सुश्री पुण्य सलिला श्रीवास्तव को भी पत्र भेजा है।
इं. हरिकिशोर तिवारी ने पत्र में कहा है कि अभी उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अच्छा कदम उठाते हुये 70 वर्ष के ऊपर के नागरिको को भी आयुष्मान स्वास्थ्य योजना से जोड़ कर इलाज कराने का निर्णय लिया है। पूर्व से ही बीपीएल नागरिक एंव प्रदेश के राज्य कर्मचारी और अब सभी शिक्षक एंव अन्य कर्मचारी आयुष्मान स्वास्थ्य योजना की पात्रता की श्रेणी में ले लिये गये है,लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था इतने अधिक नागरिको के लिये पर्याप्त नही हो पा रही है जिससे मरीज भटकते रहते हैं। विशेष कर 80 वर्ष से ऊपर कार्मिक मरीजो को भी काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि अभी मैं दिल्ली एम्स में गया था। वहां पर नेशनल सेन्टर फॉर ऐजनिग स्थापित है।
यह खास तौर पर वृद्धजनो के लिए समर्पित बहुमंजिला रिसर्च एण्ड ट्रीटमेन्ट के लिये बनाया गया है। इसकी मुख्य विशेषतायें यह है कि जेरेटिक केयर एक ही छत के नीचे वृद्धजनो को सभी जरुरी इलाज मुहैया कराना है। ताकि उन्हें एम्स के अन्य विभागो के चक्कर लगा कर इलाज ना कराना पड़े। जेरेटिक मेडिसिन विभाग बुजुर्गो की देखभाल का मुख्य केन्द्र है। इसमे मानसिक रोग विभाग, आर्थोपेडिक विभाग, न्यूरोलॉजी विभाग, कार्डियोलॉजी विभाग, यूरोलॉजी विभाग और सर्जरी विभाग जैसी सुविधाएं दी गई है।डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) और अल्जाइमर पीड़ित बुजुर्गो के लिये विशेष व्यवस्था है। बुजुर्गों के सुनने की समस्या की अलग व्यवस्था है।
यहां विश्व स्वास्थ्य संगठन का सहयोगी केन्द्र) भी है। यहां उम्र बढ़ने के वैज्ञानिक कारणों वृद्धावस्था और बीमारियों पर बड़े स्तर पर रिसर्च और डाक्टरों की ट्रेनिंग होती है इस के लिए 200 बैड रिजर्व किये गये है। उन्होंने अपने पत्र के माध्यम से उत्तर प्रदेश में भी मेडिकल कॉलेज, संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट आयुर्विज्ञान संस्थान, राम मनोहर लोहिया संस्थान आदि में एम्स दिल्ली की भांति एनसीए भवन की स्थापित किए जाने की मांग की है।
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