यूपी में महिला सशक्तिकरण अब नारा नहीं, है जमीनी हकीकत : बेबी रानी मौर्य

महिला अपराधों में भारी कमी, यूपी-112 का रिस्पांस टाइम घटकर हुआ मात्र 6 मिनट

18 लाख से अधिक महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’, नाइट शिफ्ट से खुले रोजगार के द्वार

मातृ-शिशु मृत्यु दर और कुपोषण में आई भारी गिरावट, 60 लाख माताओं को मिला लाभ

कन्या सुमंगला से 26 लाख बेटियों को लाभ, 5.20 लाख का हुआ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह

न्यूज़म ब्यूरो

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आगरा, 22 मार्च। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के सफल 9 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आज आगरा में महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने अपने विभाग की 9 साल की उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा पेश करते हुए कहा कि योगी सरकार ने महिलाओं और बच्चों के विकास को केवल कल्याणकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रखा है। अब यह सुरक्षा, सम्मान, पोषण, शिक्षा, स्वावलंबन और सामाजिक न्याय का एक व्यापक मॉडल बन चुका है। कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि यूपी में महिला सशक्तिकरण अब सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक जमीनी हकीकत बन गया है। अब प्रदेश की महिलाएं केवल नौकरी नहीं ढूंढ रहीं, बल्कि नए अवसर पैदा कर रही हैं।

बेटी के जन्म से लेकर स्वावलंबन तक की मजबूत व्यवस्था
कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने बताया कि योगी सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसके शिक्षित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर होने तक की पूरी व्यवस्था खड़ी की है। कन्या सुमंगला योजना के तहत अब तक 26.81 लाख बेटियों को लाभान्वित किया गया है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड व सामान्य) के माध्यम से 1 लाख 5 हजार से अधिक बेसहारा बच्चों को संरक्षण दिया गया। वहीं मिशन वात्सल्य के तहत 1 लाख से अधिक बच्चों को उनके बिछड़े परिवारों से मिलाया गया है। यह साबित करता है कि सरकार बच्चों को सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि भविष्य के नागरिक के रूप में देखती है।

मातृ स्वास्थ्य और पोषण के मोर्चे पर अभूतपूर्व सुधार
उन्होंने बताया कि पोषण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगी सरकार के काम के परिणाम अब स्पष्ट नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 60 लाख माताएं लाभान्वित हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसव पर ₹1400 और शहरी क्षेत्रों में ₹1000 की सहायता दी जा रही है। संस्थागत प्रसव का आंकड़ा 84 प्रतिशत के पार पहुंच गया है। प्रदेश में 0 से 5 वर्ष के बच्चों में स्टंटिंग (ठिगनापन) की दर में 6.6% और अंडरवेट दर में 7.5% का सुधार हुआ है। 2 करोड़ 12 लाख बच्चों और महिलाओं को अनुपूरक पुष्टाहार मिल रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘संभव अभियान’ के तहत तकनीक (पोषण ट्रैकर) का इस्तेमाल कर कुपोषण के खिलाफ युद्ध स्तर पर काम हो रहा है।

सरकार के 9 वर्ष पूरे होने पर महिला कल्याण विभाग की उपलब्धियों की जानकारी देती हुई मंत्री बेबी रानी मौर्य

महिला सुरक्षा: अपराधों में भारी कमी और सख्त कानून व्यवस्था
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के नतीजे सामने हैं। 2016 में यूपी-112 का जो रिस्पॉन्स टाइम 1 घंटा 5 मिनट था, वह 2025 में घटकर मात्र 06 मिनट 41 सेकंड रह गया है। प्रदेश के हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं और महिला अपराधों के ग्राफ में भारी गिरावट आई है। बलात्कार की घटनाओं में 33.92%, अपहरण में 17.03% और घरेलू हिंसा में 9.54% की कमी दर्ज की गई है। यूपी पुलिस में महिलाओं के लिए 20% पद आरक्षित किए गए हैं, जिसके फलस्वरूप आज 44,000 से अधिक महिलाएं पुलिस बल का हिस्सा हैं। 3 नई महिला P.A.C. बटालियन का गठन और हर जिले में एंटी रोमियो स्क्वायड की तैनाती की गई है।

लखपति दीदी से लेकर महिला उद्यमी तक
कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने स्पष्ट किया कि असली सशक्तिकरण आर्थिक आत्मनिर्भरता से ही आता है। यूपी में 1 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी हैं। ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत 18.55 लाख से अधिक महिलाएं लखपति की श्रेणी में पहुंच चुकी हैं। 39,885 बीसी सखियों ने ₹42,711 करोड़ का लेनदेन कर ₹116 करोड़ का लाभांश कमाया है। वहीं 15,409 विद्युत सखियों ने करोड़ों का बिल कलेक्शन कर कमीशन अर्जित किया है।
औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं को नाइट शिफ्ट (रात की पाली) में काम करने की अनुमति दी गई है। 2017 में जहां महिला श्रम बल भागीदारी सिर्फ 13% थी, वह अब बढ़कर 36% हो गई है।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को मिला सम्मान
प्रेस वार्ता के अंत में मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि योगी सरकार ने जमीनी स्तर पर काम करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं का मानदेय अप्रैल 2026 से बढ़ाने का निर्णय किया है। इसके अलावा उन्हें जीवन ज्योति और सुरक्षा बीमा योजनाओं से भी जोड़ा गया है। 1.90 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को अब प्री- स्कूल के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 5.20 लाख बेटियों के हाथ पीले कराए गए हैं। योगी सरकार की स्पष्ट नीयत, पारदर्शी नीतियों और ईमानदार क्रियान्वयन ने यूपी में आधी आबादी की तस्वीर बदल दी है। “सुरक्षित नारी, सक्षम नारी, स्वावलंबी नारी” – यही आज के नए और समृद्ध उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला है।

 

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