सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट की गुलाबी मीनाकारी की श्रीराम मंदिर अनुकृति

वाराणसी का ओडीओपी उत्पाद विश्व मंच तक, ‘वोकल फॉर लोकल’ का सशक्त ध्वजवाहक

जीआई टैग से चमकी गुलाबी मीनाकारी की वैश्विक पहचान, विदेशों में भी है डिमांड

लखनऊ, 5 जनवरी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गुलाबी मीनाकारी से निर्मित भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर की अनुकृति भेंट की। यह भेंट शिष्टाचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि काशी की पारंपरिक हस्तकला, सनातन आस्था और ‘वोकल फॉर लोकल’ के विचार को एक साथ सामने लाने वाला सांस्कृतिक संदेश बन गई। मुख्यमंत्री की यह पहल बताती है कि योगी सरकार स्थानीय शिल्प को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए हर मंच का रचनात्मक उपयोग कर रही है।

108 दिनों में तैयार हुई राम मंदिर की अनुकृति
अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर शिल्पकार कुंज बिहारी सिंह द्वारा निर्मित गुलाबी मीनाकारी का राम मंदिर इस शिल्प की शिखर अभिव्यक्ति है। इस कलाकृति में 2 किलोग्राम चांदी और सोना उपयोग हुआ है। इसमें हीरा भी जड़ा गया है। इस अनुकृति में 108 पार्ट हैं और 108 दिनों में तैयार किया गया है। निर्माण के दौरान 108 दिनों तक राम धुन का सतत जाप हुआ। स्वर्ण से निर्मित भगवान राम, कमल और धनुष-बाण की प्रतीकात्मक डिजाइन, चार शिखरों पर जड़े हीरे और भीतर प्रकाश की व्यवस्था, यह सब सनातन परंपरा में 108 के महत्व को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है।

जीआई टैग से ओडीओपी तक की यात्रा
गुलाबी मीनाकारी को जीआई टैग मिलना इसकी मौलिक पहचान की आधिकारिक स्वीकृति है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शामिल कर काशी के कारीगरों को संस्थागत समर्थन दिया। प्रशिक्षण, डिजाइन नवाचार, सरकारी प्रदर्शनियां और प्रोटोकॉल गिफ्टिंग, इन सबके माध्यम से इस कला को नया बाजार और नई प्रतिष्ठा मिली। इसका परिणाम यह है कि गुलाबी मीनाकारी अब स्थानीय हस्तकला नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की ब्रांड पहचान बन चुकी है।

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वोकल फॉर लोकल का वैश्विक चेहरा बनी गुलाबी मीनाकारी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुलाबी मीनाकारी को सांस्कृतिक कूटनीति का सशक्त माध्यम बनाया है। वर्ष 2021 में अमेरिकी दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी ने तत्कालीन अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को गुलाबी मीनाकारी का शतरंज सेट भेंट किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, साउथ सुपरस्टार रजनीकांत और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को गुलाबी मीनाकारी की कलाकृतियां भेंट कर चुके हैं। इससे न केवल इस शिल्प की देश-विदेश में मांग बढ़ी, बल्कि बड़ी संख्या में महिलाओं को प्रशिक्षण देकर महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ठोस योगदान भी सामने आया।

16वीं सदी से चली आ रही गुलाबी मीनाकारी
गुलाबी मीनाकारी भारत में 16वीं सदी में आई और धीरे-धीरे काशी की पहचान बन गई। इस कला में उपयोग होने वाले रंग मेटल ऑक्साइड से तैयार किए जाते हैं और यह मीनाकारी केवल शुद्ध चांदी और सोने पर ही की जाती है। लगभग 800 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पकाई जाने वाली यह प्रक्रिया अत्यंत जटिल और श्रमसाध्य होती है। सदियों से कारीगर परिवार इस कला को सहेजते आ रहे हैं और आज भी वही परंपरा आधुनिक रूप में जीवित है।

 

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