योगी सरकार ने 14,997 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड बजट से चिकित्सा शिक्षा और शोध को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

प्रदेश के 60 जनपदों में 81 मेडिकल कॉलेज संचालित, शेष असेवित जनपदों में पीपीपी मॉडल से कॉलेजों की होगी स्थापना

वैक्सीन, औषधि और मेडिकल उपकरणों के अनुसंधान के लिए 1,500 लाख रुपये की व्यवस्था

न्यूज़म ब्यूरो

लखनऊ, 11 फरवरी : योगी सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में चिकित्सा शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। योगी सरकार ने चिकित्सा शिक्षा के उत्थान के लिए बजट में 14,997 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है, जो प्रदेश के स्वास्थ्य सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में अहम कदम है। इससे न केवल मेडिकल कॉलेजों और सीटों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, बल्कि अत्याधुनिक अनुसंधान, ट्रामा केयर और छात्र सुविधाओं को भी व्यापक रूप से विस्तार दिया जाएगा।

कैंसर संस्थान, लखनऊ को दिये 315 करोड़
वर्तमान में प्रदेश में कुल 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिनमें से 45 राज्य सरकार द्वारा और 36 निजी क्षेत्र द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। इन मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से प्रदेश के 60 जनपद मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से आच्छादित हो चुके हैं। शेष असेवित जनपदों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत की जाएगी, जिससे दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बजट में 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना एवं संचालन के लिए 1,023 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। इससे न केवल चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इसके साथ ही कैंसर संस्थान, लखनऊ के लिए 315 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज और शोध को और अधिक सशक्त बनाया जा सके। इसके साथ एसजीपीजीआई में क्वार्टनरी हेल्थ केयर सुविधा के लिये 359 करोड़ आवंटित किये गये हैं।

Advertisement

फार्मा एवं मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने को आवंटित किये 1500 लाख
योगी सरकार ने असाध्य और गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को राहत देने के उद्देश्य से निःशुल्क चिकित्सा सुविधा के लिए 130 करोड़ रुपये की व्यवस्था भी बजट में की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह पहल समाज के गरीब और जरूरतमंद वर्ग के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है, क्योंकि इससे महंगे इलाज का बोझ कम होगा। योगी सरकार ने बजट में फार्मास्युटिकल एवं मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं प्रस्तावित की हैं। प्रदेश के बड़े चिकित्सा संस्थानों के साथ उद्योग साझेदारी के माध्यम से वैक्सीन, औषधियों और विभिन्न रोगों के निदान से जुड़े उपकरणों पर शोध के लिए उच्चकोटि की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 500 लाख रुपये तथा एक अन्य प्रोत्साहन योजना के तहत 1,000 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके अलावा केंद्रीय योजनाओं के तहत स्थापित फेज-1, 2 और 3 के 27 चिकित्सा महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास सुविधाओं के विस्तार के लिए 5,000 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इन्हीं मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध 300 बेड के अस्पतालों के निर्माण के लिए भी वित्तीय वर्ष 2026-27 में 5,000 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।

बजट में ट्रॉमा केयर को भी दी गयी प्राथमिकता
योगी सरकार ने ट्रॉमा केयर को भी प्राथमिकता देते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेजों में ट्रामा सेंटर लेवल-2 के निर्माण के लिए 2,500 लाख रुपये का प्रस्ताव रखा है। वर्तमान में अयोध्या, फिरोजाबाद, हरदोई, चंदौली और देवरिया स्थित 5 स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों में ट्रामा सेंटर लेवल-2 की सुविधाएं उपलब्ध हैं। शेष 22 मेडिकल कॉलेजों में भी ट्रामा सेंटर लेवल-2 के निर्माण के लिए आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में 5,000 लाख रुपये की व्यवस्था की जा रही है।

 

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
Tap to Refresh