सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद के नीचे मिला पुराना कुआं, 20 से 25 फीट गहराई का अनुमान

मलबा हटाने के दौरान सामने आया कुआं, प्रशासन कराएगा एएसआई से जांच; हिंदू और मुस्लिम पक्ष ने अलग-अलग दावे किए

Rahul Gupta

सहारनपुर, 6 सितंबर।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद पर हुई कार्रवाई के करीब 24 घंटे बाद रविवार को मलबा हटाने के दौरान मस्जिद के नीचे एक पुराना कुआं मिलने का मामला सामने आया है। मौके पर मिले कुएं की गहराई करीब 20 से 25 फीट होने का अनुमान लगाया गया है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कुएं की पुरातात्विक जांच कराने की बात कही है।

भारी स्लैब हटाने के बाद दिखा कुआं

मलबा हटाने के दौरान मौके पर एक भारी स्लैब मिला, जिसे पोकलैंड मशीन से हटाने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद कटर की मदद से स्लैब को काटकर हटाया गया। स्लैब के नीचे कुआं दिखाई दिया। कुआं मिलने की सूचना के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

Advertisement

एसडीएम सदर सुबोध कुमार ने बताया कि कार्रवाई के दौरान मस्जिद के नीचे से कुआं मिला है। इसकी गहराई करीब 20 से 25 फीट आंकी गई है। उन्होंने कहा कि कुआं कितना पुराना है और इसका वास्तविक इतिहास क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रशासन कुएं की जांच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम से कराने की तैयारी कर रहा है।

हिंदू पक्ष ने पुराने धार्मिक स्थल से जोड़ा

मस्जिद मामले के शिकायतकर्ता और बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने कुआं मिलने को महत्वपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि उन्हें पहले से आशंका थी कि मस्जिद के आसपास कोई पूज्य स्थल हो सकता है। उनके मुताबिक, कुआं मिलने के बाद यह आशंका और मजबूत हुई है।

विकास त्यागी ने प्रशासन से मौके पर पुरातत्व विभाग की टीम बुलाकर कुएं की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि कुआं कई सौ वर्ष पुराना हो सकता है और हिंदू धर्म में कुओं का धार्मिक महत्व रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि यहां पहले मंदिर रहा होगा और बाद में वहां मस्जिद का निर्माण किया गया। हालांकि, इन दावों की पुष्टि पुरातात्विक जांच के बाद ही हो सकेगी।

इमरान मसूद ने बताया असामान्य नहीं

वहीं, कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद के नीचे कुआं मिलने पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने अलग प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मस्जिद में वजू के लिए कुएं का होना असामान्य बात नहीं है। उनके मुताबिक, पुराने समय में पानी के स्रोत के तौर पर मस्जिदों में कुएं बनाए जाते थे और उनके घर के पास स्थित मस्जिद में भी कुआं मौजूद है।

इमरान मसूद ने कहा कि वह इस पूरे मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

पुरातात्विक जांच से सामने आएगी वास्तविक स्थिति

कलेक्ट्रेट परिसर में कुआं मिलने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हिंदू पक्ष इसे पुराने धार्मिक स्थल से जोड़कर देख रहा है, जबकि इमरान मसूद का कहना है कि पुराने समय में मस्जिदों में भी पानी के लिए कुएं बनाए जाते थे।

फिलहाल प्रशासन ने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुरातात्विक जांच कराने का फैसला किया है। एएसआई की जांच और रिपोर्ट के बाद ही कुएं की उम्र, निर्माण की प्रकृति और उसके ऐतिहासिक महत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
Tap to Refresh