एक जिला एक माफिया जैसी स्थिति से अब यूपी वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज की दिशा में कर रहा है प्रगति : योगी आदित्यनाथ

ओडीओपी और ओडीओसी योजनाएं लोकल टू ग्लोबल मॉडल का हैं जीवंत उदाहरण : मुख्यमंत्री

न्यूज़म ब्यूरो

लखनऊ, 16 फरवरी। राज्यपाल के अभिभाषण पर विधान परिषद में धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में एमएसएमई, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी, जहां एमएसएमई क्षेत्र मृतप्राय सा हो चुका था और निराशा का माहौल था। लेकिन हमारी सरकार ने ओडीओपी और ओडीओसी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के परंपरागत उत्पादों को नई पहचान दी है। वर्तमान में एमएसएमई सेक्टर में प्रदेश के 3 करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। स्वास्थ्य और फार्मा क्षेत्र में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। आज उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता और विकास के नए अध्याय लिख रहा है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ओडीओपी योजना के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक जनपद के विशिष्ट उत्पादों की ब्रांडिंग, डिजाइन, टेक्नोलॉजी और मार्केटिंग में सुधार किया गया है। प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का सकारात्मक परिणाम यह है कि प्रदेश का निर्यात, जो वर्ष 2017 में मात्र 84 हजार करोड़ रुपये के आसपास था, लगभग दोगुना बढ़कर आज 1.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जिसमें ओडीओपी योजना के हस्तशिल्प और परंपरागत उत्पादों का हिस्सा करीब 50 प्रतिशत है। योजना से 3.16 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। वर्तमान में प्रदेश के 77 से अधिक उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है, जो वैश्विक बाजार में उनकी गुणवत्ता की गारंटी देते हैं। प्रदेश में करीब 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स कार्यरत हैं, जो 3 करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान कर रही हैं। पीएम विश्वकर्मा योजना और अन्य कार्यक्रमों से हस्तशिल्पियों और कारीगरों को सम्मान और सहायता मिल रही है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हाल ही में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर हमारी सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन कार्यक्रम शुरू किया है, जिससे प्रत्येक जनपद के एक विशेष व्यंजन को ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाएगा। यह प्रधानमंत्री के लोकल टू ग्लोबल मॉडल का जीवंत उदाहरण है, जो यूपी को नई पहचान देगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले जहां प्रदेश के युवा हताश थे, आज वे आत्मनिर्भरता और प्रगति की कहानी लिख रहे हैं।

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मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है। वर्ष 2017 से पहले कई जनपदों में स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं और एक जिला एक माफिया जैसी स्थिति थी। अब यूपी में वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज की दिशा में तेज प्रगति हुई है। रायबरेली और गोरखपुर में एम्स संचालित हो रहे हैं। हर जनपद में अब आईसीयू, डिजिटल एक्स-रे, ब्लड बैंक, डायलिसिस, ऑक्सीजन प्लांट और वेंटिलेटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। 2017 से पहले 40 से अधिक जनपदों में आईसीयू नहीं था। 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के रिस्पांस टाइम में सुधार किया गया है। टेलीमेडिसिन से दूरदराज के गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जीनोमिक्स, टेलीमेडिसिन और मेडटेक को बढ़ावा देकर भविष्योन्मुखी स्वास्थ्य इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी, जो 2017 से पहले हर साल 1200-1500 बच्चों की मौत का कारण बनती थी, अब लगभग समाप्त हो चुकी है। 2024 में शून्य मौतें दर्ज हुईं और मामले बहुत कम हो गए। डबल इंजन सरकार ने माफिया के साथ-साथ इन बीमारियों और उनके कारकों को भी नियंत्रित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में भी यूपी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। ललितपुर में फार्मा पार्क का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिसमें बल्क ड्रग यूनिट्स शामिल हैं। वहीं ग्रेटर नोएडा में 350 एकड़ का मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है। लखनऊ में हाल ही में फार्मा कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया, जहां देश के दिग्गज फार्मा निवेशकों ने यूपी की बदलती तस्वीर की सराहना की। उन्होंने कॉन्क्लेव में एक बड़े फार्मा उद्यमी के अनुभव के बारे में कहा कि कैसे उन्हें अपने भतीजे के अपहरण के कारण रातों-रात अपनी जन्मभूमि मेरठ छोड़कर जाना पड़ा था। लेकिन 2017 के बाद प्रदेश में जिस तरह से निवेश का माहौल बदला है, देश के बड़े निवेशक यूपी में निवेश करने को उत्सुक हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में केवल शहरों और उद्योगों का ही विकास नहीं हुआ है, बल्कि प्रदेश की घुमंतू जातियों और जनजातीय समुदायों जैसे वनटांगिया, मुसहर, थारू, कोल, बुक्सा आदि को जमीन के पट्टे, आवास और बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, कौशल, स्वरोजगार, स्वास्थ्य और नेतृत्व में भागीदारी बढ़ी है। प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा से समृद्धि और सशक्तिकरण से उत्कृष्टता तक की यात्रा जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने 2017 के बाद से सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के नए अध्याय लिखे हैं। जहां पहले अंधकार था, आज प्रगति और उम्मीद की रोशनी है। यह बदलाव लोकल उत्पादों की वैश्विक बाजार तक पहुंच से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार सृजन तक हर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।

 

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